देहरादून। उत्तराखंड में मान्यता और निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करने वाले मदरसों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। रुद्रपुर में लगातार दूसरे मदरसे को सील किए जाने के बाद अब प्रदेशभर में ऐसे संस्थानों का निरीक्षण कर कार्रवाई की तैयारी है।

राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी के मुताबिक, रुद्रपुर में सोमवार को एक मदरसे को सील किया गया था। इसके बाद मंगलवार को एक अन्य मदरसे पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई, जबकि एक मदरसे को नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जिन संस्थानों ने निर्धारित मानकों के अनुरूप मान्यता नहीं ली है, उनका निरीक्षण किया जाएगा।

दरअसल, उत्तराखंड में एक जुलाई 2026 से मदरसा बोर्ड की व्यवस्था समाप्त कर राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की नई व्यवस्था लागू की गई है। नई व्यवस्था का उद्देश्य मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को उनकी धार्मिक पहचान से जोड़े रखते हुए आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है।

प्राधिकरण के अनुसार, प्रदेश में कई मदरसों ने अब तक मान्यता के लिए आवेदन तक नहीं किया है। इससे पहले सामने आई जानकारी के मुताबिक राज्य के 452 मदरसों में से 200 से अधिक ने मान्यता के लिए आवेदन नहीं किया था। ऐसे संस्थानों के संचालन पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।

अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य मदरसों को बंद करना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार करना और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करना है। सभी मदरसों को निर्धारित मानकों को पूरा कर शिक्षा विभाग से मान्यता लेने के निर्देश दिए गए हैं।