देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनाव में करीब चार माह का समय बचा है। इसी क्रम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से 1 अक्तूबर से सभी ईवीएम और वीवीपैट की प्रथम चरण की जांच जिलावार शुरू की जाएगी। इसके साथ ही मतदान केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं और आवश्यकताओं का भी आकलन किया जाएगा।
चुनाव तैयारियों के तय कैलेंडर के अनुसार ईवीएम-वीवीपैट की जांच के बाद निर्वाचन आयोग की टीमें प्रदेशभर के मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन करेंगी। इस दौरान मतदान केंद्रों पर बिजली, पानी, पहुंच, सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा, ताकि मतदान के दिन मतदाताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
इसके अलावा मतदाताओं को मतदान के लिए जागरूक और प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्वीप (SVEEP) गतिविधियों की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी। आयोग का फोकस अधिक से अधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर रहेगा।
वहीं, प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया भी जारी है। मतदाता सूची से जुड़े दावे और आपत्तियों के निस्तारण की अंतिम तिथि 11 सितंबर निर्धारित की गई है। इसके बाद 15 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। अंतिम सूची जारी होने के बाद प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या भी स्पष्ट हो जाएगी।
इस तरह सितंबर में मतदाता सूची को अंतिम रूप देने के बाद अक्तूबर से चुनावी तैयारियों का अगला चरण शुरू होगा। ईवीएम-वीवीपैट की जांच और मतदान केंद्रों के सत्यापन के साथ उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ेंगी।
