उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारी बारिश के चलते मंडल के विभिन्न जिलों में 100 से ज्यादा सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं। कई जगह पहाड़ियों से मलबा और बोल्डर गिरने के कारण सड़क मार्ग बाधित हुआ है।

बारिश का सबसे ज्यादा असर पर्वतीय जिलों में देखने को मिल रहा है। पिथौरागढ़ में भूस्खलन के कारण कैलाश मानसरोवर मार्ग भी बाधित हुआ है, जिससे व्यास, चौदास और दारमा घाटियों का संपर्क प्रभावित हुआ है।

लगातार बारिश के कारण सड़कें बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही और दैनिक आवागमन प्रभावित हुआ है। प्रशासन और संबंधित विभाग बंद सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनरी की मदद से मलबा हटाने में जुटे हैं।

मौसम विभाग ने भी उत्तराखंड के कई हिस्सों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। 2 सितंबर को देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट है।

लगातार खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही सफर करने की अपील की है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक मलबा आने का खतरा अभी भी बना हुआ है।