चंपावत। उत्तराखंड के चंपावत जिले के टनकपुर से रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैलाश मानसरोवर यात्रा के प्रथम जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने यात्रियों का पारंपरिक स्वागत किया और उन्हें उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े स्मृति चिन्ह भेंट किए। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं की सफल, सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की कामना की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि आत्मिक और आध्यात्मिक अनुभव का भी माध्यम है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव के पवित्र धाम की यात्रा का अवसर सभी को नहीं मिलता और यह श्रद्धालुओं के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य, आवास, भोजन, सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को पहले से अधिक सुदृढ़ किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने यात्रा को सफल बनाने में विभिन्न विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग की भी सराहना की।
गौरतलब है कि पांच वर्षों के अंतराल के बाद पुनः शुरू हुई कैलाश मानसरोवर यात्रा उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से होकर संचालित की जा रही है। राज्य सरकार और प्रशासन यात्रा को सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
