उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। Indian Institute of Technology Roorkee के एक शोध छात्र का शव मंगलौर कोतवाली क्षेत्र स्थित आसफनगर झाल से बरामद किया गया है। मृतक छात्र की पहचान मोहित पुत्र जवाहर लाल आर्य निवासी नैनीताल के रूप में हुई है। वह आईआईटी रुड़की के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग में छठे सेमेस्टर का शोध छात्र था।

हरिद्वार एसपी देहात शेखर चंद्रा सुयाल ने बताया कि मोहित पिछले तीन-चार दिनों से लापता था, लेकिन उसकी गुमशुदगी की सूचना न तो पुलिस को दी गई थी और न ही परिजनों को इसकी जानकारी थी। पुलिस को आसफनगर झाल के पास गंगनहर में एक शव मिलने की सूचना मिली थी। शव की पहचान होने पर पता चला कि वह आईआईटी रुड़की का छात्र है।

पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। शव पर किसी तरह के चोट या संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान पुलिस ने छात्र के हॉस्टल कमरे की भी तलाशी ली, जहां एक नोटबुक मिली है। उसमें लिखी कुछ बातें सुसाइड नोट होने की आशंका जताई जा रही है।

इस मामले में आईआईटी प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि छात्र के कई दिनों से लापता होने के बावजूद पुलिस को कोई सूचना नहीं दी गई। संस्थान की मीडिया सेल प्रभारी सोनिका श्रीवास्तव ने बयान जारी कर छात्र की मौत पर दुख व्यक्त किया और कहा कि संस्थान पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रहा है।