नेपाल सरकार ने भारतीय पर्यटकों और मालवाहक वाहनों के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। काठमांडू महानगर के मेयर बालेन शाह की सरकार द्वारा लागू की गई इस नई व्यवस्था के तहत अब भारतीय पर्यटक वाहनों को नेपाल में अधिकतम 30 दिनों तक ही रहने की अनुमति होगी। इसके लिए निर्धारित कस्टम शुल्क भी जमा करना अनिवार्य किया गया है। 30 दिन की समय सीमा पार होने के बाद शुल्क जमा करने पर भी वाहन को नेपाल में रुकने की अनुमति नहीं मिलेगी और संबंधित वाहन जब्त किया जा सकता है।
नेपाल प्रशासन ने भारतीय वाहनों की आवाजाही पर निगरानी के लिए डिजिटल रिकॉर्ड प्रणाली भी लागू कर दी है। इसके जरिए वाहनों के प्रवेश, ठहराव और वापसी का पूरा विवरण ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। मालवाहक वाहनों के लिए भी अलग नियम तय किए गए हैं। भारत से नेपाल जाने वाले ट्रकों को प्रवेश से पहले 1500 नेपाली रुपये शुल्क देना होगा और उन्हें 72 घंटे के भीतर नेपाल छोड़ना होगा। समय सीमा पार होने पर 2500 नेपाली रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं नेपाल से माल लेकर भारत आने वाले ट्रकों को 1700 नेपाली रुपये शुल्क देकर दो दिन के भीतर वापस लौटना होगा।
सीमावर्ती भारतीय नागरिकों को नेपाली बाजारों में कार, जीप और बाइक के साथ 12 घंटे तक मुफ्त आवाजाही की सुविधा दी गई है। इसके साथ ही नेपाल सरकार ने सीमा पार करने के लिए पहचान पत्र अनिवार्य कर दिया है। आधार कार्ड या अन्य सरकारी वैध पहचान पत्र दिखाने के बाद ही नेपाल में प्रवेश दिया जा रहा है। पहचान पत्रों की सघन जांच के चलते सीमा क्षेत्रों में लंबी कतारें भी देखने को मिलीं।
