देहरादून। देहरादून के छह नंबर पुलिया स्थित शहर के पहले स्मार्ट वेंडिंग जोन में दुकानों के आवंटन और संचालन को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। नगर निगम की ओर से किए गए सत्यापन अभियान में कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। स्थानीय पार्षद मेहरबान सिंह भंडारी की शिकायत पर निगम की टीम ने बुधवार को वेंडिंग जोन का निरीक्षण किया, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

करीब छह वर्ष पहले बनाए गए इस स्मार्ट वेंडिंग जोन में नगर निगम द्वारा 95 स्मार्ट ठेलियां वैध रूप से आवंटित की गई थीं। जांच में पता चला कि एक ही परिवार के पांच-पांच सदस्यों को दुकानें आवंटित कर दी गईं। वहीं, पांच दुकानें मृत लोगों के नाम पर संचालित होती मिलीं। इसके अलावा 20 से अधिक दुकानें ऐसे लोगों द्वारा चलाई जा रही थीं, जिनके नाम पर आवंटन ही नहीं है। कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें किराए पर दे रखी हैं, जबकि कुछ दुकानें दिहाड़ी के आधार पर दो-दो सौ रुपये प्रतिदिन में संचालित कराई जा रही हैं।

सत्यापन में यह भी सामने आया कि आवंटन के बाद पिछले छह वर्षों में कभी जांच नहीं हुई। दुकानों में मनमाने बदलाव कर दिए गए हैं। कई दुकानदारों ने सोलर प्लेटें ढक दीं, पन्नियां लगाकर ढांचे बढ़ा लिए और अवैध बिजली कनेक्शन तक ले लिए। दुकानों को चार से पांच फीट तक आगे बढ़ाने से सड़क पर अतिक्रमण बढ़ गया है, जिससे क्षेत्र में जाम की समस्या भी गंभीर हो गई है।

मेयर सौरभ थपलियाल ने कहा कि मामले में यदि किसी कर्मचारी की संलिप्तता पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। गलत तरीके से संचालित दुकानों का आवंटन निरस्त करने और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी।