गैरसैंण में चल रहे उत्तराखंड विधानसभा सत्र के दौरान हल्द्वानी के डहरिया में हुए नितिन लोहनी हत्याकांड का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया गया। इस मामले को लेकर कांग्रेस विधायकों ने कालाढूंगी के विधायक बंशीधर भगत को घेरते हुए सदन में तीखी बहस की, जिससे कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया।
मंगलवार को विधानसभा सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य जिला पंचायत चुनाव को लेकर अपनी बात रख रहे थे। इसी बीच विधायक बंशीधर भगत ने जिला पंचायत चुनाव के दौरान नेता प्रतिपक्ष की मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि वह वहां क्या कर रहे थे। इस पर कांग्रेस विधायकों ने कड़ा विरोध जताया।
कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष के बारे में इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि क्या उन्हें गुंडा कहा जा रहा है। इसी दौरान मंगलौर के विधायक काजी निजामुद्दीन ने भी डहरिया में हुए नितिन लोहनी हत्याकांड का मुद्दा उठाते हुए बंशीधर भगत पर सवाल दागे।
कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि हत्याकांड के आरोपी पार्षद को छुड़ाने के लिए बंशीधर भगत थाने गए थे। उन्होंने सदन में पूछा कि जिस व्यक्ति पर बाद में हत्या का आरोप लगा, उसे छुड़ाने के लिए विधायक थाने क्यों गए थे।
इस पर बंशीधर भगत ने जवाब देते हुए कहा कि वह संबंधित व्यक्ति को जानते थे और वह भाजपा का कार्यकर्ता था, इसलिए वह वहां गए थे।
गौरतलब है कि चार जनवरी को हल्द्वानी के डहरिया क्षेत्र में जज फार्म निवासी 22 वर्षीय नितिन लोहनी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पार्षद अमित बिष्ट उर्फ चिंटू और उनका पुत्र जय बिष्ट फिलहाल जेल में बंद हैं। इस मुद्दे को लेकर सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
