देहरादून। देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा की गई और पांच प्रमुख प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना और विभिन्न क्षेत्रों में नीतिगत सुधार करना बताया जा रहा है।
कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड भाषा संस्थान अधिनियम, 2018 को अनुमोदन प्रदान किया गया। इस निर्णय से राज्य की भाषाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2023 में संशोधन करने के लिए उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 को प्रख्यापित किए जाने का निर्णय लिया गया। सरकार का मानना है कि इस संशोधन से राज्य में उच्च शिक्षा संस्थानों के संचालन और नियमन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक, 2026 को भी अधिनियमित करने का निर्णय लिया। इस विधेयक का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर जुए की गतिविधियों को रोकना और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना है।
बैठक में उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक, 2026 को अधिनियमित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इस संशोधन से आयोग के कार्यों और अधिकारों को और स्पष्ट तथा प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है।
इसके साथ ही कैबिनेट ने कार्मिक विभाग के शासनादेश में मौजूद प्रावधानों को अधिनियम के रूप में प्रख्यापित किए जाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी। सरकार के अनुसार इससे प्रशासनिक प्रक्रियाओं में स्पष्टता और मजबूती आएगी।
सरकार का कहना है कि इन निर्णयों से राज्य के प्रशासन, शिक्षा, सामाजिक न्याय और कानून व्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।
