देहरादून। विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश प्रधान संगठन के आह्वान पर गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्राम प्रधानों ने सचिवालय कूच किया। परेड ग्राउंड में एकत्र हुए ग्राम प्रधानों ने अपनी दस सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद सभी प्रधान सचिवालय की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने पुलिस मुख्यालय से पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई, जिससे कुछ देर के लिए मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
ग्राम प्रधानों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने और उनके समाधान की मांग को लेकर प्रधान संगठन ने सचिवालय कूच का कार्यक्रम तय किया था। प्रदर्शन में देहरादून के साथ ही पौड़ी समेत प्रदेश के अन्य जिलों से भी ग्राम प्रधान पहुंचे।
प्रधान संगठन की प्रमुख मांगों में ग्राम प्रधानों का मानदेय बढ़ाना, स्वास्थ्य बीमा की सुविधा उपलब्ध कराना और वीबीजी रामजी योजना में ऑफलाइन हाजिरी की व्यवस्था सहित अन्य मांगें शामिल हैं। संगठन का कहना है कि ग्रामीण स्तर पर विकास कार्यों और योजनाओं को लागू करने में प्रधानों की जिम्मेदारी लगातार बढ़ रही है, लेकिन उसके अनुरूप सुविधाएं और अधिकार नहीं मिल रहे हैं।
परेड ग्राउंड में प्रदर्शन के बाद जब ग्राम प्रधान सचिवालय की ओर आगे बढ़े तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर दी। प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस और प्रधानों के बीच धक्का-मुक्की हुई। कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण रहा। पुलिस ने बैरिकेडिंग के जरिए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।
वहीं, प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों पर सरकार से गंभीरता से विचार करने और जल्द समाधान निकालने की मांग की। प्रधान संगठन का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रखा जा सकता है। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सचिवालय और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी।
