देहरादून। उत्तराखंड में साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की साइबर टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। देहरादून में दर्ज 84.70 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे आरोपी को महाराष्ट्र के सांगली जिले से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान 45 वर्षीय यासीन युसूफ मनेर निवासी मिरज, जिला सांगली, महाराष्ट्र के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से साइबर ठगी में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद किया है।

एसटीएफ के अनुसार, आरोपी देहरादून के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में वर्ष 2024 में दर्ज दो अलग-अलग मुकदमों में वांछित चल रहा था। मामले की जांच के दौरान पुलिस को आरोपी की भूमिका के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी। इसके बाद से एसटीएफ की टीम उसकी तलाश में जुटी हुई थी।

बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे 29.50 लाख रुपये

जांच में सामने आया कि साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी संख्या 75/2024 की विवेचना के दौरान यासीन युसूफ मनेर का नाम सामने आया था। जांच में पता चला कि सितंबर 2024 में शिकायतकर्ता ने आरोपी से जुड़े बैंक ऑफ महाराष्ट्र के खाते में 29.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। पुलिस के मुताबिक, यह बैंक खाता साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल किए गए बैंकिंग नेटवर्क की पहली लेयर में शामिल था। इसके अलावा आरोपी साइबर क्राइम थाने में दर्ज एक अन्य मुकदमे प्राथमिकी संख्या 71/2024 में भी वांछित था।

नोटिस के बावजूद जांच में नहीं हुआ शामिल

एसटीएफ ने आरोपी को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने के निर्देश दिए थे। हालांकि, नोटिस मिलने के बावजूद आरोपी न तो पूछताछ के लिए उपस्थित हुआ और न ही जांच में सहयोग किया। इसके बाद एसटीएफ ने उसकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए।

26 अक्तूबर को महाराष्ट्र से किया गिरफ्तार

एसटीएफ की साइबर टीम ने महाराष्ट्र के सांगली जिले में पहुंचकर आरोपी की तलाश शुरू की। सुरागरसी और पतारसी के बाद टीम ने दबिश देकर 26 अक्तूबर को उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपी को देहरादून लाया गया, जहां उसे न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की गई।

एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि साइबर अपराध से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या आधिकारिक वेबसाइट

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