नई दिल्ली। राजधानी में बढ़ती सियासी हलचल के बीच दिल्ली विधानसभा का पांचवां सत्र मंगलवार से शुरू होने जा रहा है। यह सत्र सुबह 11 बजे से आरंभ होगा और इसे राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने रविवार को आठवीं विधानसभा के चौथे सत्र का तत्काल प्रभाव से सत्रावसान करते हुए नए सत्र को बुलाने का आदेश जारी किया। इस संबंध में अधिसूचना 26 अप्रैल को दिल्ली राजपत्र में प्रकाशित की गई। आदेश में दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र शासन अधिनियम 1991 की धारा 6 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग किया गया। विधानसभा सचिवालय ने इसकी सूचना सभी विधायकों, सांसदों और संबंधित विभागों को भेज दी है।
सूत्रों के अनुसार, इस एक दिवसीय विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (संशोधन) को लेकर निंदा प्रस्ताव लाया जा सकता है। यह वही मुद्दा है जिस पर संसद में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने विरोध जताया था। ऐसे में दिल्ली विधानसभा में इस विषय पर तीखी बहस और टकराव की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, सत्र का अंतिम एजेंडा सोमवार शाम तक स्पष्ट होने की उम्मीद है, लेकिन राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी आम आदमी पार्टी के बीच जोरदार बहस लगभग तय मानी जा रही है।
पिछले बजट सत्र में विपक्ष के बहिष्कार के कारण कार्यवाही प्रभावित हुई थी, जिसका असर इस बार के माहौल पर भी पड़ सकता है। इस सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था, महिला अधिकार और अन्य समसामयिक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। वहीं सरकार अपनी नीतियों और फैसलों को सदन में रखने की तैयारी में है, जबकि विपक्ष उन्हें घेरने के मूड में नजर आ रहा है।
कुल मिलाकर, यह सत्र सिर्फ औपचारिक नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां बहस, आरोप-प्रत्यारोप और संभावित हंगामे के बीच कई अहम मुद्दे सामने आ सकते हैं।
