देहरादून। उत्तराखंड में मदरसों की व्यवस्था को पारदर्शी और नियमबद्ध बनाने के लिए राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। अल्पसंख्यक शिक्षा से जुड़े नियमों के उल्लंघन और प्रशासनिक अनियमितताओं के मामलों में कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसी क्रम में एक मदरसे पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जबकि उसके संचालन की निगरानी के लिए प्रशासक नियुक्त किया गया है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान संबंधित मदरसे में वित्तीय और प्रशासनिक स्तर पर कई अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी ने कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाने के साथ ही संस्था के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए प्रशासक की नियुक्ति का निर्णय लिया। प्रशासन का कहना है कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के सभी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता, वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से नियमित निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है और जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई का उद्देश्य किसी समुदाय विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सभी शिक्षण संस्थानों में एक समान नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। सरकार ने कहा है कि भविष्य में भी निरीक्षण अभियान जारी रहेगा और अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
