देहरादून। उत्तराखंड की सहकारिता सामूहिक खेती योजना में करीब 1.5 करोड़ रुपये के कथित गबन का मामला सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की शिकायत मिलने पर सहकारिता विभाग ने जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि योजना के तहत जारी धनराशि के उपयोग में वित्तीय अनियमितताएं बरती गईं और सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, योजना से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के दौरान कई संदिग्ध लेनदेन सामने आए हैं। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि धनराशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अनुसार हुआ या नहीं तथा यदि अनियमितता हुई है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

सहकारिता विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी या संस्था की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही योजना के तहत हुए सभी वित्तीय लेनदेन और अभिलेखों का भी परीक्षण किया जा रहा है।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार या वित्तीय अनियमितता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर धनराशि की वसूली भी की जाएगी। सरकार का कहना है कि किसानों के हितों से जुड़ी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।