देहरादून। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सड़क जैसी दिखने वाली पेंटिंग के कारण एक ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त होने का मामला सामने आया है। सड़क किनारे लगे एक बड़े होर्डिंग पर बनी बहु-लेन सड़क की तस्वीर इतनी वास्तविक दिखाई देती है कि चालक कथित तौर पर उसे असली सड़क समझ बैठा। इसके बाद ट्रक होर्डिंग के सामने बने ढांचे और दीवार से टकरा गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हादसे में ट्रक के अगले हिस्से को काफी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, घटना के समय चालक की स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
सड़क जैसी दिखती है होर्डिंग पर बनी पेंटिंग
यह मामला देहरादून के आशारोड़ी क्षेत्र में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के आसपास का बताया जा रहा है। होर्डिंग पर सड़क की कई लेन और ऊपर लगे दिशा-सूचक ढांचे जैसी तस्वीर बनाई गई है। इसमें लिखा है, ‘देवभूमि आगमन पर आप सभी आगंतुकों का सुस्वागतम।’ पेंटिंग की बनावट ऐसी है कि पहली नजर में यह वास्तविक सड़क का दृश्य प्रतीत होती है।
सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे वीडियो और पोस्ट के अनुसार, ट्रक चालक कथित तौर पर पेंटिंग को सड़क का रास्ता समझ बैठा और वाहन उसी दिशा में मोड़ दिया। इसके बाद ट्रक सीधे होर्डिंग के ढांचे से जा टकराया। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए हादसे के कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
आशारोड़ी क्षेत्र में लगातार हो रहे हादसे
यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के आशारोड़ी-मोहब्बेवाला हिस्से में लगातार सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिंता जताई जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले एक महीने में इस क्षेत्र में चार से पांच हादसे हो चुके हैं। इन दुर्घटनाओं में दो लोगों की मौत हुई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं।
हाल ही में सीमेंट से लदे एक ट्रक के पलटने से बाइक सवार की मौत हो गई थी। वहीं, छह अक्टूबर को तेज रफ्तार ट्रक ने पुलिस बस को टक्कर मार दी थी। इन घटनाओं ने इस मार्ग पर यातायात सुरक्षा और भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
सोशल मीडिया पर सड़क सुरक्षा को लेकर बहस
ट्रक हादसे का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने सड़क जैसी दिखने वाली पेंटिंग के डिजाइन पर सवाल उठाए हैं। कुछ लोगों ने इसे कलात्मक काम बताया, जबकि अन्य ने कहा कि सड़क के बेहद करीब इस तरह की वास्तविक दिखने वाली तस्वीरें वाहन चालकों को भ्रमित कर सकती हैं।
फिलहाल, पुलिस के अनुसार उपलब्ध जानकारी में पेंटिंग और क्षेत्र में हुए अन्य हादसों के बीच कोई प्रमाणित संबंध स्थापित नहीं हुआ है। ऐसे में जरूरी है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जाए और सड़क किनारे लगे संकेतों, पेंटिंग तथा सुरक्षा इंतजामों का आकलन किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की आशंका कम हो सके।
