नैनीताल। उत्तराखंड में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक और लगातार सामने आ रही डॉग बाइट की घटनाओं को लेकर नैनीताल स्थित उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, नगर निकायों और संबंधित विभागों से विस्तृत जवाब तलब करते हुए पूछा है कि आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए अब तक क्या प्रभावी कदम उठाए गए हैं।

याचिका में कहा गया है कि प्रदेश के कई शहरों और कस्बों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और आम लोगों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। स्कूलों, सार्वजनिक स्थलों और आवासीय क्षेत्रों में डॉग बाइट की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार एजेंसियां समस्या के स्थायी समाधान में सफल नहीं हो सकी हैं।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा कि पशुओं की नसबंदी, टीकाकरण, पुनर्वास और जनसंख्या नियंत्रण के लिए क्या कार्ययोजना बनाई गई है। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा कि स्थानीय निकायों द्वारा इस दिशा में क्या कार्रवाई की जा रही है और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं।

हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से निर्धारित समय के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई में सरकार की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अदालत की इस सख्ती से उम्मीद जताई जा रही है कि प्रदेश में आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए प्रभावी और ठोस कदम उठाए जाएंगे।