रामनगर। नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र स्थित चुकुम गांव के ग्रामीण पिछले 33 वर्षों से विस्थापन की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हर मानसून में उफनती कोसी नदी उनके गांव के लिए बड़ा खतरा बन जाती है। लगातार हो रहे कटाव से कई परिवारों की जमीन नदी में समा चुकी है और अब उनके घर भी खतरे की जद में हैं। इसके बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास की मांग की, लेकिन आज तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई। हर साल बरसात के मौसम में गांव के लोगों को जान-माल के नुकसान का डर सताता है। कई परिवार असुरक्षा के माहौल में रहने को मजबूर हैं और बच्चों की पढ़ाई तथा दैनिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कोसी नदी का कटाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे कृषि भूमि भी तेजी से समाप्त हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार अधिकारियों ने निरीक्षण कर आश्वासन दिया, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि समय रहते पुनर्वास या सुरक्षा कार्य नहीं किए गए तो भविष्य में बड़ा नुकसान हो सकता है।
वहीं प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और बरसात के दौरान आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि अस्थायी उपायों के बजाय उन्हें स्थायी समाधान और सुरक्षित स्थान पर विस्थापन की जरूरत है। उनका कहना है कि तीन दशक से अधिक समय से वे केवल आश्वासनों के सहारे जीवन बिता रहे हैं और अब सरकार से जल्द ठोस कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
