देहरादून। उत्तराखंड में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। प्रदेश के प्रत्येक स्कूल के लिए अब अलग से आपदा प्रबंधन योजना तैयार की जाएगी। इसमें भूकंप, भूस्खलन, बादल फटने, बाढ़ और अन्य आपदाओं की स्थिति में विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए जरूरी व्यवस्थाओं को शामिल किया जाएगा।
प्रस्तावित योजना में स्कूल भवन की सुरक्षा, आपातकालीन निकासी मार्ग, सुरक्षित स्थान, प्राथमिक उपचार, अग्निशमन उपकरण और आपदा के समय संपर्क व्यवस्था जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज की जाएंगी। इसके साथ ही स्कूलों में उपलब्ध संसाधनों और संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की भी पहचान की जाएगी।
उत्तराखंड भौगोलिक रूप से आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। मानसून के दौरान भारी बारिश, भूस्खलन और बादल फटने जैसी घटनाओं के कारण कई बार स्कूलों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। ऐसे में प्रत्येक विद्यालय के स्तर पर पहले से तैयार आपदा प्रबंधन व्यवस्था होने से आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी।
योजना के तहत स्कूलों में आपदा से बचाव को लेकर जागरूकता और प्रशिक्षण पर भी जोर दिया जाएगा। विद्यार्थियों और शिक्षकों को आपदा के दौरान सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने, प्राथमिक उपचार देने और राहत-बचाव प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए प्रशिक्षित किया जा सकता है।
सरकार का उद्देश्य आपदा की स्थिति में जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करना और स्कूलों को सुरक्षित बनाना है। अधिकारियों को स्कूल स्तर पर जरूरी व्यवस्थाओं का आकलन कर योजना तैयार करने और उसके प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में काम करने के निर्देश दिए जाएंगे।
राज्य में हाल के वर्षों में मौसम संबंधी घटनाओं और आपदाओं के कारण स्कूलों में अवकाश तक घोषित करने पड़े हैं। ऐसे में प्रत्येक स्कूल के लिए तैयार की जाने वाली यह योजना आपदा प्रबंधन व्यवस्था को स्थानीय स्तर पर मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
