नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के द्विपक्षीय संबंधों को नई गति मिली। अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुरुवार को द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें उन्नत तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने पर चर्चा हुई।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मुलाकात की जानकारी दी और दोनों देशों को “भरोसेमंद साझेदार” बताया। उन्होंने कहा कि भारत और यूएई एआई सहित उन्नत तकनीकों के क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं और साझा भविष्य के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 राजधानी नई दिल्ली में 20 फरवरी तक आयोजित किया जा रहा है। यह वैश्विक दक्षिण में आयोजित पहला वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन है, जिसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बदलती और प्रभावशाली भूमिका पर वैश्विक संवाद को बढ़ावा देना है। सम्मेलन का मूल दृष्टिकोण ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ और ‘मानवता के लिए एआई’ के सिद्धांतों पर आधारित है।
इस सम्मेलन के तीन प्रमुख आधार स्तंभ लोग, पृथ्वी और प्रगति पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसका उद्देश्य मानव-केंद्रित, पर्यावरण-अनुकूल और समावेशी तकनीकी विकास को बढ़ावा देना है, ताकि एआई समाज के हर वर्ग को समान रूप से लाभ पहुंचा सके और संसाधनों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो।
सम्मेलन में 110 से अधिक देशों, 30 अंतरराष्ट्रीय संगठनों, लगभग 20 राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख स्तर के नेता और करीब 45 मंत्रियों ने भाग लिया है। यह शिखर सम्मेलन एआई के सुरक्षित, जिम्मेदार और सहयोगात्मक उपयोग के लिए वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
