नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सिख गुरुओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मामले में पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर से संबंधित फाइल को जानबूझकर रोका जा रहा है। गुप्ता के इन आरोपों पर आम आदमी पार्टी की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी।
पत्रकारों से बातचीत में विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली विधानसभा सिख गुरुओं के सम्मान से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी और इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस महीने की शुरुआत में दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत वर्षगांठ पर हुई चर्चा के दौरान सिख गुरुओं के कथित अपमान को लेकर पंजाब सरकार के रवैये पर गहरी चिंता जताई थी।
गुप्ता ने कहा कि संबंधित फाइल को लगातार रोके रखना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। अब तक न तो एफआईआर की प्रति उपलब्ध कराई गई है, न ही मूल शिकायत साझा की गई है और न ही किसी प्रकार की आधिकारिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण में हो रही चुप्पी और बार-बार की जा रही देरी किसी साजिश की ओर इशारा करती है तथा यह तथ्यों को छिपाने की जानबूझकर की गई कोशिश प्रतीत होती है। गुप्ता ने यह भी कहा कि इस मामले के तार सीधे पंजाब के मुख्यमंत्री तक जाते दिखाई देते हैं, जिससे इसकी गंभीरता और बढ़ जाती है।
दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति छह जनवरी को हुई उस कथित घटना की जांच कर रही है, जो गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत वर्षगांठ पर आयोजित चर्चा के दौरान सामने आई थी। इस बीच, नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने समिति को दिए अपने जवाब में सभी आरोपों को खारिज करते हुए उस दिन की विधानसभा कार्यवाही का बिना संपादन वाला वीडियो रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि भाजपा नेताओं द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए कथित वीडियो के आधार पर पंजाब पुलिस ने जालंधर में एफआईआर दर्ज की थी। पंजाब पुलिस का दावा है कि फॉरेंसिक जांच में वीडियो से छेड़छाड़ के सबूत मिले हैं, जबकि दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर दिल्ली फॉरेंसिक साइंस लैब द्वारा की गई जांच में वीडियो को असली बताया गया है।
