देहरादून। वर्षों से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप के बाद हिमाचल प्रदेश परियोजना से जुड़े लंबित मुद्दों पर सहमत हो गया है, जिससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना का रास्ता लगभग साफ हो गया है। इससे उत्तराखंड सहित परियोजना से जुड़े अन्य राज्यों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

किशाऊ बांध परियोजना टौंस नदी पर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर प्रस्तावित एक बहुउद्देशीय परियोजना है। इसके माध्यम से जलविद्युत उत्पादन के साथ-साथ सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और यमुना बेसिन में जल प्रबंधन को मजबूती मिलेगी। लंबे समय से राज्यों के बीच लागत और अन्य तकनीकी मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाने के कारण यह परियोजना अटकी हुई थी।

हालिया बैठक में छह राज्यों के बीच महत्वपूर्ण सहमति बनने के बाद परियोजना को नई गति मिलने की संभावना है। केंद्र सरकार जल घटक की लागत का 90 प्रतिशत वहन करेगी, जबकि शेष 10 प्रतिशत राशि संबंधित राज्य मिलकर वहन करेंगे। इस निर्णय से वर्षों से लंबित परियोजना के निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि परियोजना के पूरा होने से उत्तराखंड में बिजली उत्पादन बढ़ेगा, सिंचाई और पेयजल सुविधाओं को मजबूती मिलेगी तथा क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी। राज्य सरकार ने इसे उत्तराखंड के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारने की उम्मीद जताई है।

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