देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेशभर में भूस्खलन और मलबा आने की घटनाओं के चलते ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सहित करीब 100 सड़कें बंद हो गई हैं। कई जिलों में संपर्क मार्ग बाधित होने से लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि चारधाम यात्रा भी प्रभावित हुई है।

लोक निर्माण विभाग (PWD) और आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बंद सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनें लगातार काम कर रही हैं। हालांकि लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर मलबा दोबारा आने से सड़कें खोलने में कठिनाई हो रही है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।

मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने सोमवार को प्रदेश के पर्वतीय जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने और तेज गर्जना के साथ बारिश का भी पूर्वानुमान जारी किया गया है। मौसम विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

लगातार बारिश के चलते कई नदियों और गदेरों का जलस्तर भी बढ़ गया है। प्रशासन सभी जिलों में स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आपदा प्रबंधन की टीमें अलर्ट मोड पर हैं। जहां कहीं भी सड़कें बाधित हुई हैं, वहां उन्हें जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और यात्रियों को केवल मौसम की अनुकूल स्थिति में ही आगे बढ़ने की सलाह दी जा रही है।

राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासन को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने तथा यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और सड़क मार्ग की ताजा जानकारी अवश्य लेने की अपील की है।