बाजपुर। उत्तराखंड के बाजपुर तहसील क्षेत्र में जनजाति समाज की भूमि से जुड़े विवाद ने तूल पकड़ लिया है। मामले में भाजपा विधायक अरविंद पांडेय के पुत्र अतुल पांडेय पर गंभीर आरोप लगे हैं, वहीं तहसील के रजिस्ट्रार कानूनगो राकेश शाह को उत्तरकाशी संबद्ध कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंडलायुक्त के आदेश को पहले राजस्व अभिलेखों में दर्ज किया गया, लेकिन बाद में उसे हटा दिए जाने का आरोप है। इस पूरे घटनाक्रम पर फिलहाल कोई भी अधिकारी खुलकर कुछ कहने को तैयार नहीं है।

तहसीलदार प्रताप सिंह चौहान द्वारा जारी नोटिस में अतुल पांडेय को एक सप्ताह के भीतर कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि ऐसा न करने पर उपलब्ध अभिलेखों और शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शिकायत ग्राम सैमलपुरी निवासी नन्नी देवी, संजू कुमार और मंगल सिंह की ओर से दी गई है। उनका आरोप है कि खतौनी संख्या 20 के खसरा नंबर 25/1 की भूमि, जो उनके नाम दर्ज है, उसे कूटरचित साक्ष्यों के आधार पर अतुल पांडेय के नाम करा लिया गया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि न्यायालय से पक्ष में निर्णय आने के बावजूद वे भूमि पर कब्जा नहीं पा सके हैं।

मामले में यह भी आरोप है कि अतुल पांडेय ने भूमि पर 50 वर्षों से कब्जा होने का दावा किया, जबकि दस्तावेजों के अनुसार वर्ष 2010 में उनकी आयु मात्र 16 वर्ष थी।

शिकायतकर्ता बुक्सा जनजाति समुदाय से हैं और आरोप है कि उनकी भूमि अवैध रूप से हड़पकर 28 लाख रुपये का लाभ अर्जित किया गया। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।