देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रहे पलायन को रोकने और पहाड़ों में रोजगार व आजीविका के अवसर बढ़ाने को लेकर सरकार ने मंथन शुरू कर दिया है। शुक्रवार को देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य प्रवासन आयोग की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश से होने वाले पलायन और इससे जुड़ी विभिन्न चुनौतियों पर चर्चा की गई।

बैठक का मुख्य उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन के कारणों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करना रहा। राज्य के कई पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की कमी के चलते लोगों के मैदानी क्षेत्रों और दूसरे राज्यों की ओर जाने की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। सरकार का प्रयास है कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाकर लोगों को अपने गांव और क्षेत्रों में ही रहने के लिए बेहतर विकल्प उपलब्ध कराए जाएं।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रवासन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। आयोग के स्तर पर पलायन की स्थिति, उसके प्रभाव और रोकथाम के उपायों को लेकर चर्चा की गई। सरकार की ओर से पर्वतीय क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के साधन मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

उत्तराखंड में पलायन की समस्या को राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास से भी जोड़कर देखा जाता है। कई गांवों में आबादी कम होने के कारण कृषि भूमि के उपयोग, स्थानीय अर्थव्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर भी असर पड़ता है। ऐसे में सरकार के सामने पलायन रोकने के साथ-साथ खाली होते गांवों को फिर से आबाद करने की चुनौती भी है।

मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में हुई यह बैठक इसी दिशा में सरकार की आगामी रणनीति के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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