देहरादून। दून अस्पताल की इमरजेंसी में बिजली आपूर्ति ठप होने से शनिवार रात गंभीर स्थिति पैदा हो गई। बिजली जाने के बाद पीकू वार्ड में भर्ती 10 बच्चों के वेंटिलेटर बंद हो गए, जिससे उनकी जान पर खतरा मंडराने लगा। स्थिति को संभालने के लिए तीन बच्चों को एंबू बैग के जरिए ऑक्सीजन देनी पड़ी।
जानकारी के अनुसार, घटना बृहस्पतिवार रात करीब 11:20 बजे की है। इमरजेंसी-ओटी भवन की बिजली अचानक गुल हो गई। अस्पताल कर्मियों को उम्मीद थी कि ऑटोमैटिक जनरेटर तुरंत शुरू हो जाएगा, लेकिन कुछ मिनट बीतने के बाद भी बिजली बहाल नहीं हुई। इसके बाद तकनीशियन को सूचना दी गई।
जांच में सामने आया कि जनरेटर का पैनल हैंग हो गया था, जिसके कारण बैकअप बिजली व्यवस्था भी काम नहीं कर पाई। इसी दौरान बिजली जाने के कुछ ही मिनट बाद पीकू वार्ड में लगे वेंटिलेटर बंद हो गए। वार्ड में उस समय कुल 10 बच्चे भर्ती थे, जिनमें कुछ को गंभीर स्थिति के चलते वेंटिलेटर पर रखा गया था।
वेंटिलेटर बंद होने के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। स्वास्थ्यकर्मियों ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए तीन बच्चों को एंबू बैग के माध्यम से ऑक्सीजन देना शुरू किया। तकनीकी टीम ने जनरेटर की खराबी को ठीक करने का प्रयास किया, जिसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल की गई।
घटना ने अस्पताल की आपातकालीन बिजली व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर बिजली बैकअप की व्यवस्था का दुरुस्त रहना बेहद जरूरी है, क्योंकि आईसीयू और वेंटिलेटर पर भर्ती मरीजों के लिए बिजली बाधित होना सीधे तौर पर जानलेवा स्थिति पैदा कर सकता है।
