चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जिले के किमाणा गांव में पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा, पत्थर और बारिश का पानी गांव की ओर आने से कई घरों को नुकसान पहुंचा है। पूरी रात ग्रामीण भय और दहशत के साए में जागते रहे। लोगों का कहना है कि पहाड़ी से लगातार छोटे-बड़े पत्थर गिरते रहे, जिससे किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी रही।
ग्रामीणों के अनुसार, देर रात तेज बारिश के बाद अचानक मलबा और पानी गांव में घुस आया। कई घरों के आंगन और कमरों तक कीचड़ भर गया, जबकि खेतों और संपर्क मार्गों को भी नुकसान पहुंचा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई परिवारों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। लोगों ने पूरी रात अपने घरों से बाहर या सुरक्षित स्थानों पर बिताई।
घटना की सूचना मिलने पर प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में आवाजाही से बचने की अपील की है। साथ ही संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित आवास, राहत सामग्री और स्थायी सुरक्षा उपाय जल्द लागू किए जाएं। उनका कहना है कि लगातार हो रहे भूस्खलन और मलबा गिरने से गांव में रहना खतरे से खाली नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारी बारिश का सिलसिला जारी रहा तो क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा और बढ़ सकता है। फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत एवं बचाव दल तैनात करने की तैयारी कर रहा है।
