नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट में राज्य मानवाधिकार आयोग के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। याचिका में आरोप लगाया गया है कि आयोग ने हाईकोर्ट के पूर्व में दिए गए आदेश का निर्धारित समय में पालन नहीं किया, जिसके चलते अदालत में अवमानना याचिका दाखिल की गई। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने संबंधित पक्षों से जवाब तलब करते हुए मामले की अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित की।
याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट ने पूर्व में एक मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे, लेकिन आयोग की ओर से आदेश का पूर्ण अनुपालन नहीं किया गया। इसी आधार पर याचिकाकर्ता ने अदालत से अवमानना की कार्रवाई करने की मांग की है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह जानने की कोशिश की कि आदेश के पालन में देरी या अनुपालन न होने के पीछे क्या कारण रहे और अब तक आयोग की ओर से क्या कदम उठाए गए हैं।
हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग से विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है और यदि किसी कारणवश आदेश का पालन नहीं हो पाता है तो उसके संबंध में उचित स्पष्टीकरण भी प्रस्तुत किया जाना चाहिए। अदालत ने संबंधित अभिलेख भी तलब किए हैं, ताकि पूरे मामले की तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी, जहां आयोग की ओर से जवाब दाखिल किए जाने के बाद कोर्ट आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा। इस मामले पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह न्यायालय के आदेशों के अनुपालन और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय माना जा रहा है। हाईकोर्ट के आगामी निर्देशों के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आयोग के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई आगे बढ़ेगी या नहीं।
