आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पार्टी की ओर से लगाए गए आरोपों पर शनिवार को चड्ढा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर खुलकर जवाब दिया और अपने खिलाफ चल रहे अभियान को “स्क्रिप्टेड” बताया।
चड्ढा ने कहा कि उन पर यह आरोप लगाया गया कि वे पार्टी लाइन से हटकर काम कर रहे हैं और संसद में सरकार का पर्याप्त विरोध नहीं करते। इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य संसद में शोर मचाना या अपशब्द कहना नहीं, बल्कि आम जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, “आप एक भी मौका बताइए जब मैंने विपक्ष के साथ वॉकआउट नहीं किया हो। संसद में कैमरे लगे हैं, रिकॉर्ड निकालकर देख लीजिए।”
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव पर हस्ताक्षर न करने के आरोप पर भी चड्ढा ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस प्रस्ताव के बारे में न तो औपचारिक और न ही अनौपचारिक रूप से जानकारी दी गई थी, इसलिए हस्ताक्षर का सवाल ही नहीं उठता। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी के कई अन्य सांसदों ने भी उस प्रस्ताव पर साइन नहीं किए थे, लेकिन सवाल केवल उन्हीं पर उठाया गया।
अपने वीडियो में चड्ढा ने कहा कि उनके खिलाफ एक जैसी भाषा और आरोपों के साथ अभियान चलाया जा रहा है, जो संयोग नहीं बल्कि एक “सामूहिक हमला” है। उन्होंने शुरुआत में इस पर प्रतिक्रिया न देने का फैसला किया था, लेकिन बाद में लगा कि बार-बार दोहराया गया झूठ लोगों को भ्रमित कर सकता है, इसलिए जवाब देना जरूरी है।
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी ने हाल ही में उन्हें राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया था, जिसके बाद पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।
