नई दिल्ली। जंतर मंतर पर रविवार को ट्रांसजेंडर समुदाय और अधिकार कार्यकर्ताओं ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन और जेएनयू छात्र संगठन सहित कई छात्र संगठनों ने हिस्सा लिया और एकजुट होकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रस्तावित संशोधन विधेयक ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों की रक्षा करने के बजाय उन्हें सीमित करता है। उनका कहना है कि यह बदलाव उनके मौलिक अधिकारों के खिलाफ हैं और समुदाय को और अधिक हाशिए पर धकेल सकते हैं।
प्रदर्शन में शामिल रोजी ने कहा कि ट्रांसजेंडर समाज पहले से ही सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा हुआ है। ऐसे में यह विधेयक सुरक्षा देने के बजाय भय का माहौल पैदा कर रहा है। उन्होंने सरकार से इसे तुरंत वापस लेने की मांग की।
वहीं, प्रदर्शनकारी प्रिया ने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि नई परिभाषा तय करने के नाम पर समुदाय के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने चिंता जताई कि इस विधेयक का सबसे अधिक नकारात्मक असर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले ट्रांसजेंडर व्यक्तियों पर पड़ेगा।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सभी कानूनों में ट्रांसजेंडर समुदाय को स्पष्ट रूप से मान्यता दी जाए और उनकी पहचान, गरिमा तथा मौलिक अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
