देहरादून। उत्तराखंड में ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर करीब 1200 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ी कार्रवाई की है। एसटीएफ की विशेष जांच टीम (SIT) ने नेटवर्क से जुड़े दो प्रमुख आरोपियों नवीन सिंह नेगी और कविता परमार को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह ऑनलाइन ट्रेडिंग और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर लोगों को मोटे मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की रकम जुटा रहा था। इस नेटवर्क में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों और पेंशनर्स के भी प्रभावित होने की बात सामने आई है।

एसटीएफ के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का कथित मुख्य संचालक लविश चौधरी उर्फ नवाब अली है, जो विदेश में बैठकर गतिविधियों को संचालित कर रहा था। गिरोह BotBro, BotAlpha, QFX, Cross Market, Mine Crypto, Meta Trade-5 और TLC Coin जैसी कंपनियों के माध्यम से लोगों को निवेश के लिए प्रेरित करता था। निवेशकों को हर महीने पांच से आठ प्रतिशत तक मुनाफा देने और विदेश यात्राओं का लालच दिया जाता था।

2022 से निवेश नेटवर्क से जुड़ा था नवीन

जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी नवीन सिंह नेगी वर्ष 2022 से QFX कंपनी से जुड़ा था। इसके बाद वह BotBro और BotAlpha जैसी कंपनियों के माध्यम से लोगों को निवेश के लिए जोड़ने लगा। आरोप है कि BotBro कंपनी बंद होने और उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज होने के बाद भी उसने RISENWAYS नाम से नई कंपनी का प्रचार शुरू कर दिया था। इसके लिए जूम मीटिंग के माध्यम से लोगों को दोबारा निवेश के लिए प्रेरित किया जा रहा था।

कविता की आईडी से जुड़े थे 10 से 15 हजार लोग

एसटीएफ के मुताबिक, दूसरी आरोपी कविता परमार कंपनी में सीनियर ईगल एग्जीक्यूटिव के पद पर थी। उसकी रोबो आईडी से करीब 10 से 15 हजार लोग जुड़े हुए थे। उसे कथित तौर पर कंपनी से हर महीने लगभग एक हजार डॉलर मिलते थे। वर्ष 2023 से 2026 के बीच वह कंपनी के सेमिनार में शामिल होने के लिए मलेशिया, थाईलैंड, दुबई और वियतनाम की करीब 12 से 13 बार यात्रा भी कर चुकी थी।

जांच में यह भी सामने आया कि निवेशकों को ऑनलाइन डैशबोर्ड पर डॉलर के रूप में रकम दिखाई जाती थी, जबकि ये केवल आंकड़े थे, वास्तविक धनराशि नहीं। संबंधित कंपनियां RBI और SEBI में पंजीकृत भी नहीं थीं।

एसटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनमें बैंकिंग लेनदेन, व्हाट्सएप चैट और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े साक्ष्य मिलने की संभावना है। फिलहाल पुलिस निवेश की रकम के लेनदेन, अन्य सहयोगियों और विदेश में बैठे कथित मुख्य आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है।

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