पौड़ी। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पूर्व विधायक और पूर्व पालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। करीब आठ साल तक भाजपा में रहने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। बेनाम ने इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है। उनके इस कदम के बाद जिले की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

यशपाल बेनाम पौड़ी की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उनकी पहचान एक ऐसे नेता के रूप में रही है, जिन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर भी अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया। वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की थी। इसके अलावा वह पौड़ी नगर पालिका के अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

बेनाम वर्ष 2018 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। इसके बाद से वह पार्टी से जुड़े रहे। हालांकि, अब करीब आठ साल बाद उन्होंने भाजपा से अलग होने का निर्णय लिया है। उनके इस्तीफे को पौड़ी जिले की स्थानीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अगले राजनीतिक कदम पर सबकी नजर

भाजपा से इस्तीफा देने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यशपाल बेनाम आगे किस राजनीतिक राह पर चलेंगे। क्या वह किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होंगे या अपनी अलग रणनीति तैयार करेंगे, इसको लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। बेनाम ने कहा है कि वह जल्द ही अपने अगले राजनीतिक कदम को लेकर फैसला लेंगे।

उनके इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलकों में संभावित समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पौड़ी में उनकी स्थानीय स्तर पर सक्रियता और पूर्व में विभिन्न पदों पर निभाई गई भूमिका को देखते हुए उनके अगले फैसले पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की नजर रहेगी।

फिलहाल, बेनाम ने अपने भविष्य की राजनीतिक रणनीति का खुलासा नहीं किया है। आने वाले दिनों में उनके अगले कदम से पौड़ी जिले के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

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