रुद्रप्रयाग। देवभूमि उत्तराखंड के विश्वविख्यात पौराणिक एवं धार्मिक स्थल त्रियुगीनारायण धाम में इस वर्ष श्रद्धालुओं और पर्यटकों की रिकॉर्ड संख्या पहुंच रही है। भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह स्थल के रूप में प्रसिद्ध इस पवित्र धाम में अब तक 2 लाख 32 हजार 738 तीर्थ यात्री दर्शन कर चुके हैं। चारधाम यात्रा के साथ-साथ त्रियुगीनारायण धाम भी श्रद्धालुओं की प्रमुख आस्था का केंद्र बनता जा रहा है।
मंदिर समिति के अनुसार, इस वर्ष अब तक 1 लाख 11 हजार 530 पुरुष, 1 लाख 1 हजार 477 महिलाएं तथा 19 हजार 731 बच्चे त्रियुगीनारायण धाम पहुंच चुके हैं। लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिली है।
धाम में पहुंचने वाले श्रद्धालु भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह स्थल के दर्शन करने के साथ ही यहां स्थित अखंड धूनी की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मान्यता है कि यह पवित्र अग्नि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह काल से आज तक निरंतर प्रज्ज्वलित है। इसके अलावा श्रद्धालु सरस्वती कुंड, रुद्र कुंड और विष्णु कुंड में स्नान कर धार्मिक पुण्य भी अर्जित कर रहे हैं।
त्रियुगीनारायण धाम का पौराणिक महत्व, प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहा है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं की आवाजाही से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ी है। होटल व्यवसायियों, होमस्टे संचालकों, टैक्सी चालकों और छोटे व्यापारियों के कारोबार में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल रही है।
मंदिर समिति का कहना है कि चारधाम यात्रा के दौरान त्रियुगीनारायण धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और अधिक बढ़ने की संभावना है। प्रशासन और मंदिर समिति श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार आवश्यक इंतजाम कर रहे हैं।
