ऋषिकेश। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। शुक्रवार को अमित शाह के देहरादून पहुंचने से पहले कांग्रेस कार्यकर्ता जौलीग्रांट मुख्य मार्ग से होते हुए एयरपोर्ट की ओर बढ़ रहे थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया और बस में बैठाकर हिरासत में ले लिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी के माता-पिता के साथ दिल्ली में कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर अपना विरोध दर्ज कराने का ऐलान किया था।

जानकारी के अनुसार, पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता जौलीग्रांट मुख्य मार्ग से एयरपोर्ट की ओर रवाना हुए। कांग्रेस ने एक दिन पहले ही गृह मंत्री अमित शाह को काले झंडे दिखाकर विरोध करने की चेतावनी दी थी। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में काले गुब्बारे लेकर नारेबाजी की। इसके बाद पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।

स्थिति को देखते हुए पुलिस ने परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। सभी को पुलिस बस में बैठाकर मौके से ले जाया गया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि दिल्ली के राजघाट पर अंकिता भंडारी के माता-पिता को पुलिस ने कथित तौर पर जबरन उठाकर वहां से हटा दिया। पार्टी ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पीड़ित परिवार के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता अमित शाह के दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन करना चाहते थे।

वहीं, जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने गृह मंत्री के दौरे के चलते आम जनता और व्यापारियों को हो रही परेशानियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि धनतेरस जैसे महत्वपूर्ण त्योहार के दिन मार्ग बंद किए जाने से लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। एयरपोर्ट से देहरादून जाने वाले मार्ग पर पटाखों की दुकानों को भी शाम तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

कांग्रेस ने वीआईपी दौरे के दौरान आम जनता की सुविधाओं और व्यापारियों की आजीविका को प्राथमिकता देने की मांग उठाई।

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