रूद्रपुर। रुद्रपुर में कांग्रेस के भीतर उस समय सियासी हलचल तेज हो गई जब पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने पार्टी का दामन थामा। उनके शामिल होते ही पूर्व पालिकाध्यक्ष मीना शर्मा ने खुले तौर पर विरोध जताते हुए अपने तीनों पदों से इस्तीफा दे दिया। मीना शर्मा के इस कदम से पार्टी नेतृत्व असहज नजर आ रहा है, जबकि उनके भाजपा में जाने की अटकलें भी तेज हो गई हैं।

मीना शर्मा ने स्पष्ट कहा कि वह पिछले 20 वर्षों से कांग्रेस की समर्पित कार्यकर्ता रही हैं और वर्ष 2022 में पार्टी के बैनर तले रुद्रपुर विधानसभा चुनाव भी लड़ चुकी हैं। उनका आरोप है कि ठुकराल ने भाजपा में रहते हुए न केवल कांग्रेस बल्कि उन्हें और उनके परिवार को भी अपमानित किया था। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति को पार्टी में शामिल करना उन सभी महिलाओं का अपमान है जो वर्षों से कांग्रेस के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “मैं अपने तीनों पदों से इस्तीफा दे चुकी हूं। ठुकराल माफी के लायक नहीं हैं। समर्थकों से चर्चा के बाद जल्द आगे का निर्णय लूंगी।”

इधर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष हिमांशु गाबा ने पार्टी नेतृत्व के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि ठुकराल के आने से संगठन को मजबूती मिलेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि असंतुष्ट नेताओं को जल्द मना लिया जाएगा और सभी मिलकर पार्टी के हित में कार्य करेंगे।

वहीं, महानगर अध्यक्ष ममता रानी के आवास पर ठुकराल का स्वागत किया गया, जहां कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूल-मालाओं से सम्मानित किया। ममता रानी ने कहा कि ठुकराल के आने से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और कांग्रेस जनहित के मुद्दों पर और मजबूती से संघर्ष करेगी।

स्वयं राजकुमार ठुकराल ने कहा कि वह कांग्रेस की नीतियों और जनसेवा के संकल्प से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल हुए हैं। उनका उद्देश्य क्षेत्र का विकास और जनता की समस्याओं का समाधान करना है।

इस घटनाक्रम ने रुद्रपुर कांग्रेस में आंतरिक असंतोष को उजागर कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है।

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