नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने छात्रों को बड़ी राहत देते हुए इस वर्ष से “सेकेंड बोर्ड परीक्षा” की शुरुआत की है। यदि कोई छात्र-छात्रा अपने मुख्य परीक्षाफल से संतुष्ट नहीं है, तो वह मई माह में आयोजित होने वाली इस दूसरी परीक्षा में शामिल हो सकता है।

सीबीएसई की स्थानीय कोऑर्डिनेटर मंजू जोशी के अनुसार, यह पहल नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य छात्रों को बिना शैक्षणिक वर्ष गंवाए अपने अंकों में सुधार का अवसर देना है। यह परीक्षा विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है जो अपने अंक बढ़ाना चाहते हैं या किसी विषय में अनुत्तीर्ण हो गए हैं।

उन्होंने बताया कि सेकेंड बोर्ड परीक्षा में वही छात्र शामिल हो सकते हैं जो कम से कम तीन विषयों में उत्तीर्ण हों। साथ ही, मुख्य परीक्षा और सेकेंड बोर्ड दोनों में से जिस परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त होंगे, वही अंतिम परिणाम में जोड़े जाएंगे।

बोर्ड ने इस परीक्षा के लिए पहले ही आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली है और उम्मीदवारों की सूची (LOC) भी तैयार कर ली गई है। हालांकि, जो छात्र अब अपने परिणाम से संतुष्ट हैं, वे अपने पूर्व आवेदन को निरस्त भी करा सकते हैं।