रुद्रप्रयाग-केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए बनाई गई सुरक्षा दीवारों के धंसने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। हाल ही में हुई बारिश के बाद कई स्थानों पर सुरक्षा के लिए लगाए गए क्रेट वायर और दीवारों के क्षतिग्रस्त होने की खबर सामने आई है, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों में चिंता बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्रों में सड़क और ढलानों को सुरक्षित बनाने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से सुरक्षा कार्य कराए गए थे। लेकिन मानसून की शुरुआती बारिश में ही कुछ स्थानों पर दीवारों के धंसने और क्रेट वायर संरचनाओं के टूटने की घटनाएं सामने आई हैं। इसके बाद लोगों ने निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि केदारनाथ यात्रा मार्ग पर हर साल लाखों श्रद्धालु आवाजाही करते हैं। ऐसे में सुरक्षा कार्यों का मजबूत और टिकाऊ होना बेहद जरूरी है। उनका आरोप है कि यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप हुआ होता तो पहली ही बारिश में इस तरह की स्थिति पैदा नहीं होती।

वहीं संबंधित विभाग के अधिकारियों का कहना है कि क्षतिग्रस्त हिस्सों का निरीक्षण किया जा रहा है और तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाएगा। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि यात्रा मार्ग की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और कमजोर स्थानों को जल्द मजबूत किया जाएगा।

चारधाम यात्रा और आगामी मानसून को देखते हुए यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।