उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की बहुप्रतीक्षित किसाऊ बांध परियोजना को लेकर केंद्र सरकार स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। परियोजना से जुड़े विभिन्न मुद्दों और प्रगति की समीक्षा के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस बैठक में उत्तराखंड के मुख्य सचिव सहित दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

किसाऊ बांध परियोजना यमुना की प्रमुख सहायक नदी टोंस पर प्रस्तावित एक बहुउद्देशीय परियोजना है। इससे जलविद्युत उत्पादन, सिंचाई और पेयजल आपूर्ति को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी कारणों के चलते परियोजना की गति धीमी रही है, लेकिन अब केंद्र सरकार इसे तेजी से आगे बढ़ाने के प्रयास में जुटी है।

सूत्रों के अनुसार बैठक में भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास, पर्यावरणीय स्वीकृतियों और निर्माण कार्यों से जुड़े लंबित मामलों पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की रणनीति भी तैयार की जाएगी।

किसाऊ बांध परियोजना को उत्तराखंड के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके पूरा होने से प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और सिंचाई सुविधाओं को भी मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार को उम्मीद है कि गृह मंत्री की अध्यक्षता में होने वाली यह बैठक परियोजना की राह में आ रही बाधाओं को दूर करने में मददगार साबित होगी और इसके निर्माण कार्य को नई गति मिलेगी।