देहरादून। ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की पहुंच तेजी से बढ़ रही है और इसके साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल की ‘भारतनेट’ योजना गांवों के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का काम कर रही है। इस योजना के तहत युवा अपने ही गांव में इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध कराकर अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं।

बीएसएनएल के वरिष्ठ महाप्रबंधक विजय पाल ने बताया कि भारतनेट योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाना है। इसके लिए ग्राम पंचायतों को इंटरनेट नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। योजना के तहत स्थानीय युवाओं को ‘भारतनेट उद्यमी’ बनने का अवसर दिया जा रहा है, जिससे गांवों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार होने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।

भारतनेट उद्यमी बनने के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता 10वीं पास निर्धारित की गई है। इच्छुक युवा अपने क्षेत्र के उप-मंडलीय अभियंता कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। चयनित होने के बाद उन्हें अपने क्षेत्र में इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध कराने और ग्राहकों से संबंधित सेवाएं संचालित करने का अवसर मिलेगा।

योजना से जुड़ने के लिए लगभग एक लाख रुपये का शुरुआती निवेश करना होगा। इसके बदले बीएसएनएल तकनीकी सहायता और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करेगा। साथ ही सरकार और बीएसएनएल की ओर से प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।

कमाई के लिए उद्यमियों को नए इंटरनेट कनेक्शन से होने वाली आय में हिस्सा मिलेगा, जबकि ग्राहकों के मासिक रिचार्ज से प्राप्त आय का 50 प्रतिशत हिस्सा भी उन्हें दिया जाएगा। बीएसएनएल के अनुसार वर्तमान में 27 ग्रामीण उद्यमी इस योजना के तहत कार्य कर रहे हैं और कई युवा अपने गांवों में इंटरनेट सेवाएं देकर नियमित आय अर्जित कर रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिल रही है।