पेपर लीक

इंडिया गठबंधन की पार्टियों- कांग्रेस, सपा, भाकपा, माकपा, भाकपा (माले) की बैठक सपा कार्यालय में आयोजित हुई.
बैठक में पेपर लीक के खिलाफ प्रदेश में चल रहे युवाओं के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि यह निंदनीय है कि तमाम बड़े बड़े दावों के बावजूद भाजपा की सरकार नकल और पेपर लीक रोकने में नाकाम रही है।

इंडिया गठबंधन की पार्टियों ने की पेपर लीक की CBI जांच की मांग

बैठक में मौजूद नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पेपर लीक मामले में एसआईटी गठन का निर्णय, देर से उठाया गया अपर्याप्त कदम है. प्रदेश में सभी भर्तियों की सीबीआई जांच करवाई जानी चाहिए. यूकेएसएससी के अध्यक्ष जी एस मर्तोलिया का हटा कर उनके कार्यकाल को भी इस जांच का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। यूकेएसएससी पेपर लीक की एसआईटी का कार्यक्षेत्र पूरा प्रदेश किए जाने से सिद्ध हो गया है कि इससे पहले तक उक्त मामले को केवल एक केंद्र तक सीमित बता कर, यूकेएसएससी के अध्यक्ष जी एस मर्तोलिया और देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह सिर्फ झूठ और भ्रम फैला रहे थे।

बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उस बयान की तीव्र निंदा की गयी, जिसमें उन्होंने यूकेएसएससी के पेपर लीक की घटना को नकल जेहाद कहा. यह शर्मनाक है कि नकल और पेपर लीक रोकने में नाकाम मुख्यमंत्री अपनी असफलता को ढकने के लिए सांप्रदायिकता का सहारा ले रहे हैं।

काशीपुर में हुई बेहद ही गंभीर

बैठक में काशीपुर में हुई घटना पर गंभीर चिंता प्रकट की गयी और इस घटना के लिए पुलिस और प्रशासन के सांप्रदायिक पूर्वाग्रह और भीड़ नियंत्रण में नाकामी को जिम्मेदार ठहराया. पुलिस जिस तरह से गिरफ्तार के लोगों के उत्पीड़न का सार्वजनिक प्रदर्शन कर रही है, वह न केवल अमानवीय है बल्कि कानून के खिलाफ भी है।

पुलिस अगर समझती है कि किसी ने अपराध किया है तो उसे वैधानिक तरीके से, कानून के दायरे में अदालत से सजा दिलवाये. कानून के दायरे के बाहर जा कर पुलिस का कार्रवाई करना दर्शाता है कि अपने द्वारा लगाए गए आरोपों के सिद्ध हो सकने का विश्वास पुलिस को भी नहीं है। बैठक में तय किया गया कि शीघ्र ही प्रदेश के राज्यपाल से मुलाकात करके प्रदेश के ज्वलंत सवालों पर उनसे हस्तक्षेप करने का आग्रह किया जाएगा।

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