News : यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजड 1073 (FZ1073) के कैप्टन स्मित मच्छर और उनके पूरे क्रू सदस्यों को प्रतिष्ठित ‘फर्स्ट-क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II’ (First-Class Order of Zayed II) पदक से नवाजा।
उड़ान के दौरान घटी एक गंभीर आतंकी साजिश के बीच यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अदम्य साहस दिखाने के लिए कैप्टन मच्छर को यह सम्मान दिया गया है। विश्व भर से सराहे जा रहे कैप्टन को यह पुरस्कार दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम द्वारा सौंपा गया।
News : राष्ट्रपति और पीएम ने क्रू से की मुलाकात
सम्मान समारोह के दौरान यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद के साथ दुबई के शासक, उपराष्ट्रपति व प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम भी मौजूद रहे। दोनों शीर्ष नेताओं ने क्रू के सभी सदस्यों से व्यक्तिगत मुलाकात कर उनकी सराहना की।
News : 172 जिंदगियों पर मंडराया था खतरा
यह घटना 30 सितंबर की है, जब दुबई से तेल अवीव की ओर उड़ान भर रही फ्लाइट एफजेड 1073 के कॉकपिट (फ्लाइट डेक) में अचानक गंभीर संकट पैदा हो गया। कॉकपिट में हुए हमले में कैप्टन स्मित मच्छर जख्मी भी हो गए थे, लेकिन इसके बावजूद क्रू मेंबर्स और यात्रियों के सहयोग से हालात पर काबू पा लिया गया।
कैप्टन की सूझबूझ से विमान की सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग कराई गई, जिससे विमान में सवार सभी 172 यात्री और क्रू मेंबर्स सुरक्षित बच गए।
News : ’मानव सुरक्षा यूएई की पहली प्राथमिकता’
मुलाकात के दौरान यूएई के शीर्ष नेतृत्व ने संकट के समय क्रू द्वारा दिखाए गए पेशेवर रवैये और जिम्मेदारी की तारीफ की। नेताओं ने इस बात को दोहराया कि यात्रियों और इंसानी जिंदगी की सुरक्षा संयुक्त अरब अमीरात की सबसे पहली प्राथमिकता है।
News : उप-राष्ट्रपति ने जताया गर्व
उप-राष्ट्रपति और क्राउन प्रिंस शेख हमदान ने इलाज के दौरान भी कैप्टन स्मित मच्छर से मुलाकात कर उनके जज्बे को सराहा था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए उन्होंने लिखा:
”कैप्टन स्मित मच्छर हमारे देश की गौरवगाथा का हिस्सा बन चुके हैं। फ्लाईदुबई के इस पायलट ने वीरता, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय जीवन की रक्षा की एक बेमिसाल मिसाल कायम की है। हमें और हमारे पूरे देश को उनके इस साहस पर गर्व है।”
News : कॉकपिट में हमले के बावजूद नहीं खोया हौसला
यूएई के मीडिया संस्थान ‘द नेशनल’ को दिए साक्षात्कार में कैप्टन मच्छर ने उस भयानक अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि कॉकपिट का दरवाजा खोलने से पहले को-पायलट ने उन पर कई हिंसक वार किए थे। इसके बावजूद वे किसी तरह दरवाजा खोलने और विमान पर दोबारा नियंत्रण पाने में सफल रहे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
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