रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित सिरोबगड़ भूस्खलन जोन से जल्द राहत मिलने की उम्मीद जगी है। वर्षों से भूस्खलन और बार-बार लगने वाले जाम की समस्या से जूझ रहे इस क्षेत्र का स्थायी उपचार शुरू कर दिया गया है। करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से यहां सुरक्षात्मक और पहाड़ी स्थिरीकरण से जुड़े कार्य किए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों के साथ ही चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
सिरोबगड़ क्षेत्र लंबे समय से भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील बना हुआ है। बारिश के दौरान पहाड़ी से मलबा और बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर गिरने से ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर यातायात बाधित हो जाता है। इसके चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। यात्रियों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है, जबकि स्थानीय लोगों की आवाजाही और जरूरी कामकाज भी प्रभावित होते हैं।
नवंबर 2027 तक काम पूरा करने का लक्ष्य
प्रशासन के अनुसार, सिरोबगड़ भूस्खलन क्षेत्र के स्थायी उपचार के लिए करीब 50 करोड़ रुपये की योजना के तहत काम शुरू किया गया है। परियोजना को नवंबर 2027 तक पूरा करने की समयसीमा निर्धारित की गई है। इसके तहत पहाड़ी को स्थिर करने और भूस्खलन के खतरे को कम करने के लिए विभिन्न सुरक्षात्मक कार्य किए जाएंगे।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के अनुसार, यह क्षेत्र लंबे समय से सड़क यातायात के लिए चुनौती बना हुआ है। स्थायी उपचार का उद्देश्य बारिश के दौरान बार-बार होने वाले भूस्खलन और उससे उत्पन्न होने वाली परेशानियों को कम करना है।
चारधाम यात्रियों को भी मिलेगी राहत
सिरोबगड़ ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस मार्ग से बदरीनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के अलावा स्थानीय निवासी और व्यावसायिक वाहनों का भी आवागमन होता है। मार्ग बाधित होने पर यात्रियों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे यात्रा का समय बढ़ जाता है।
हाल के दिनों में भी बारिश के कारण यहां भूस्खलन से यातायात प्रभावित हुआ है। मलबा हटाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की मशीनें तैनात करनी पड़ती हैं, लेकिन पहाड़ी से लगातार मलबा गिरने के कारण सड़क खोलने में दिक्कत आती है।
स्थायी ट्रीटमेंट का काम पूरा होने के बाद इस समस्या में कमी आने की उम्मीद है। हालांकि, परियोजना के वास्तविक परिणाम कार्य की गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा में इसके पूरा होने पर निर्भर करेंगे। फिलहाल स्थानीय लोगों और यात्रियों को उम्मीद है कि सिरोबगड़ में वर्षों से चली आ रही भूस्खलन और जाम की समस्या का स्थायी समाधान निकल सकेगा।
