देहरादून। सहारनपुर के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट से करोड़ों रुपये के नकली नोट मिलने के मामले के बाद उत्तराखंड में भी बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। इसी क्रम में देहरादून सचिवालय में राज्य स्तरीय सुरक्षा समिति (SLSC) की 21वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश की बैंकिंग अवसंरचना, करेंसी चेस्ट और नकदी के सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
बैठक की अध्यक्षता सचिव गृह शैलेश बगौली ने की। इसमें बैंक अधिकारियों, सुरक्षा सेवाओं से जुड़े प्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में करेंसी चेस्ट की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के साथ-साथ नकदी के रखरखाव और एक स्थान से दूसरे स्थान तक सुरक्षित परिवहन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
सहारनपुर के PNB करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपये के अंकित मूल्य वाले नकली भारतीय नोट मिलने के मामले ने बैंकिंग सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस मामले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है। जांच के दौरान बैंक कर्मचारियों समेत कई लोगों की भूमिका सामने आई है और गिरफ्तारियां भी हुई हैं।
उत्तराखंड में हुई SLSC की बैठक में इसी तरह की घटनाओं की संभावनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने करेंसी चेस्ट में प्रवेश और निकासी की निगरानी, सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन और नकदी परिवहन के दौरान आवश्यक सावधानियों को लेकर भी चर्चा की।
बैठक में बैंकिंग संस्थानों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। राज्य स्तरीय सुरक्षा समिति को बैंकों, सुरक्षा सेवा प्रदाताओं और अन्य संबंधित पक्षों के बीच समन्वय का महत्वपूर्ण मंच माना जाता है।
अधिकारियों का कहना है कि बैंकिंग ढांचे की सुरक्षा केवल करेंसी चेस्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि नकदी के परिवहन और उससे जुड़े पूरे सिस्टम की निगरानी जरूरी है। ऐसे में उत्तराखंड में सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा और संभावित खामियों को दूर करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
