देहरादून। फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए MBBS दाखिलों का मामला सामने आने के बाद देहरादून जिला प्रशासन ने जन सेवा केंद्रों (CSC) पर सख्ती शुरू कर दी है। प्रशासन की टीम ने जिले के कई जन सेवा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान अनियमितताएं मिलने पर चार CSC केंद्रों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया, जबकि कुछ केंद्रों से कंप्यूटर, CPU और लैपटॉप भी प्रशासन ने कब्जे में लिए हैं।

प्रशासन की यह कार्रवाई जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर की गई। निरीक्षण अभियान का नेतृत्व तहसीलदार सदर और ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर की टीम ने किया। अधिकारियों ने केंद्रों पर दस्तावेजों के रखरखाव, रजिस्टर और संचालन की व्यवस्था समेत अन्य मानकों की जांच की।

जांच के दौरान शादमान, हनी रमन, करन वर्मा और प्राची कौशिक के जन सेवा केंद्रों पर अनियमितताएं पाए जाने के बाद इन्हें सील कर दिया गया। शादमान के केंद्र पर रजिस्टर अपडेट नहीं मिला और कुछ मूल दस्तावेज भी बरामद हुए। टीम के पहुंचने के दौरान संचालक की जगह एक अन्य महिला के काम करने की बात भी सामने आई। प्रशासन ने केंद्र का CPU कब्जे में ले लिया।

इसी तरह कुछ अन्य केंद्रों पर रजिस्टर नहीं मिले या रिकॉर्ड सही तरीके से अपडेट नहीं था। पूनम खन्ना और करन वर्मा के केंद्रों से CPU तथा पारुल बंसल और प्राची कौशिक के केंद्रों से लैपटॉप प्रशासन ने अभिरक्षा में लिए हैं। वहीं पवन फर्स्वाण के CSC की आईडी निरस्त करने की संस्तुति उच्चाधिकारियों को भेजी गई है, जबकि पूनम खन्ना के केंद्र को कड़ी चेतावनी दी गई है।

 

 

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