देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (uksssc) की सहायक अध्यापक (एलटी) भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में आ गई है। भर्ती प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थियों ने चयन सूची और दस्तावेज सत्यापन से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पारदर्शिता की मांग की है। मामले के सामने आने के बाद आयोग ने अभ्यर्थियों की आपत्तियों पर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया है।
जानकारी के अनुसार, कुछ अभ्यर्थियों का आरोप है कि चयन प्रक्रिया के दौरान मेरिट सूची और अभिलेख सत्यापन से जुड़े कुछ बिंदुओं में स्पष्टता नहीं बरती गई। उनका कहना है कि इससे योग्य अभ्यर्थियों के हित प्रभावित हो सकते हैं। अभ्यर्थियों ने आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग की है। इस संबंध में कई अभ्यर्थियों ने आयोग के समक्ष अपनी आपत्तियां भी दर्ज कराई हैं।
दूसरी ओर, यूकेएसएसएससी का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया सरकार के निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित की जा रही है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त सभी आपत्तियों का परीक्षण नियमानुसार किया जाएगा और यदि किसी स्तर पर कोई त्रुटि पाई जाती है तो उसके अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने अभ्यर्थियों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में पूर्व की भर्ती परीक्षाओं को लेकर भी कई बार विवाद सामने आते रहे हैं। ऐसे में इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों ने अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आयोग द्वारा समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से आपत्तियों का निस्तारण किए जाने से अभ्यर्थियों का विश्वास मजबूत होगा। फिलहाल सभी की नजर यूकेएसएसएससी के अगले कदम और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े आधिकारिक निर्णय पर टिकी हुई है।
