नैनीताल। नैनीताल जिले में रसोई गैस की किल्लत के बीच प्रशासन ने इंडेन गैस वितरण व्यवस्था में बदलाव करते हुए नई प्रणाली लागू कर दी है। अब गैस डिलीवरी वाहनों में जितने सिलिंडर होंगे, उतनी ही उपभोक्ताओं के नाम की पर्चियां भी साथ भेजी जाएंगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पहले बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को ही प्राथमिकता के आधार पर सिलिंडर मिल सके।

जिले में करीब 3.50 लाख उपभोक्ता हैं, जिन्हें 16 से अधिक एजेंसियों के माध्यम से गैस की आपूर्ति की जा रही है। इसके बावजूद मौजूदा समय में लगभग 25 हजार सिलिंडरों का बैकलॉग चल रहा है। केवल हल्द्वानी के सरस मार्केट स्थित इंडेन एजेंसी में ही प्रतिदिन करीब 7 हजार सिलिंडरों का बैकलॉग बताया जा रहा है। स्थिति यह है कि कई उपभोक्ताओं को बुकिंग के 10 से 20 दिन बाद भी सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है।

गुड फ्राइडे के अवकाश के बावजूद शुक्रवार को गैस एजेंसियां खुली रहीं और उपभोक्ता सिलिंडर के लिए परेशान नजर आए। नीलियम कॉलोनी समेत कई इलाकों में लोगों को गैस वाहन का इंतजार करना पड़ा, लेकिन आपूर्ति नहीं हो सकी। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि होम डिलीवरी से जुड़े ठेकेदारों के कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं और नियमों का पालन नहीं कर रहे।

प्रशासन के अनुसार, तत्काल बुकिंग कराने की प्रवृत्ति भी बैकलॉग बढ़ने का एक कारण बन रही है। अधिकारियों ने एजेंसी प्रबंधकों को सख्ती से ‘फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट’ प्रणाली के तहत वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। एडीएम विवेक राय ने बताया कि अब पर्ची के साथ ही सिलिंडर भेजने की व्यवस्था लागू कर दी गई है।

जिला पूर्ति अधिकारी मनोज वर्मा के मुताबिक, 2 अप्रैल को 7680 घरेलू, 270 कॉमर्शियल और 78 छोटे (5 किलोग्राम) सिलिंडरों का वितरण किया गया।

इधर, हल्द्वानी के बिठौरिया स्थित देवकी बिहार कॉलोनी में बुकिंग के 20 दिन बाद भी गैस न मिलने से लोगों में आक्रोश है। स्थानीय निवासियों ने इस मुद्दे पर प्रदर्शन भी किया और अब समाधान के लिए बैठक बुलाने का निर्णय लिया है।

प्रशासन ने शनिवार को विभिन्न क्षेत्रों में गैस वितरण की सूची जारी कर दी है, जिससे उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।