देहरादून। उत्तराखंड के देहरादून स्थित आबकारी आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, राज्य का आबकारी विभाग बीते वर्षों में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। विभाग ने न केवल राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि की है, बल्कि पारदर्शी कार्यप्रणाली और सुदृढ़ निगरानी व्यवस्था के जरिए अपनी कार्यक्षमता भी साबित की है।

प्रेस नोट में बताया गया है कि पिछले पांच वर्षों में विभाग ने निर्धारित राजस्व लक्ष्यों को प्रभावी रणनीति के तहत हासिल किया है। खासतौर पर फुटकर मदिरा दुकानों के प्रबंधन में सुधार करते हुए कई जनपदों में शत-प्रतिशत व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया गया है। उधमसिंहनगर, नैनीताल, देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, रुद्रप्रयाग और चमोली जैसे जिलों में यह व्यवस्था सफलतापूर्वक लागू की गई है।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का राजस्व लक्ष्य 2604 करोड़ रुपये रखा गया है, जबकि 2027-28 के लिए यह लक्ष्य बढ़ाकर 2693 करोड़ रुपये कर दिया गया है। विभाग ने बताया कि फुटकर दुकानों के व्यवस्थापन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और 90 प्रतिशत से अधिक दुकानों का प्रबंधन पूरा किया जा चुका है।

विभागीय प्रयासों के चलते जहां पहले अव्यवस्था और अनियमितताओं की शिकायतें मिलती थीं, वहीं अब लगभग सभी दुकानों का संचालन सुव्यवस्थित और नियंत्रित ढंग से हो रहा है। इससे न केवल राजस्व में वृद्धि हुई है, बल्कि उपभोक्ताओं को भी बेहतर सुविधा मिली है।

आबकारी आयुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे आधुनिक तकनीक और सख्त प्रवर्तन के जरिए निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करें, ताकि राज्य के राजस्व सुदृढ़ीकरण में विभाग अपनी अग्रणी भूमिका बनाए रख सके।