रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और बागेश्वर के कुछ क्षेत्रों में बादल फटने की सूचना प्राप्त होते ही मुख्यमंत्री धामी ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों से फोन पर वार्ता कर राहत और बचाव कार्यों को त्वरित गति से संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और किसी भी प्रकार की देरी न हो।

उत्तराखंड मे 4 जिलों में फटा बादल

उत्तराखंड में एक बार फिर से कुदरत का कहर बरपा है। रूद्रप्रयाग के बसुकेदार क्षेत्र में बादल फटने से एक महिला की मौत हो गई। जबकि 20 लोग लापता बताए जा रहे हैं। चमोली जिले के देवाल ब्लॉक के मोपाटा में बादल फटने से भारी तबाही मची है। यहां एक पति और पत्नी लापता हैं जबकि दो लो घायल हैं। इसके साथ ही 18 से ज्यादा मवेशी मलबे में दबे हुए हैं। टिहरी और बागेश्वर में भी बादल फटने की घटना सामने आई है।

CM ने जिलाधिकारियों से फोन पर ली स्थिति की जानकारी

मुख्यमंत्री धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित आपदा प्रबंधन की उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं। सड़क, विद्युत और पेयजल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में उन्हें तत्काल सुचारू किया जाए। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी और बागेश्वर के जिलाधिकारियों से बादल फटने की घटनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा राहत और बचाव कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी नैनीताल से भी मुख्यमंत्री ने बारिश और सड़कों की स्थिति की जानकारी ली।

 शासन और प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश

सीएम धामी ने पूरे मानसून सीजन तक शासन और प्रशासन अलर्ट मोड पर रहे। जिलाधिकारियों द्वारा आपदा राहत कार्यों के लिए जो भी आवश्यक संसाधन और सुविधाएं अपेक्षित हों, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही ये सुनिश्चित किया जाए कि प्रभावित परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा जल्द से जल्द मिले।