देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और धार्मिक वातावरण बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया कंटेंट बनाने को लेकर सख्त नियम लागू करने की तैयारी की है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अब चारधाम और अन्य प्रमुख मंदिरों में रील, व्लॉग, फिल्म या अन्य वीडियो शूट करने के लिए संबंधित अधिकारियों से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। यह फैसला हाल के दिनों में धार्मिक स्थलों पर विवादित वीडियो और सोशल मीडिया कंटेंट सामने आने के बाद लिया गया है।
प्रस्ताव के अनुसार, कंटेंट क्रिएटर्स को उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन में आधार कार्ड, सोशल मीडिया प्रोफाइल, शूटिंग का उद्देश्य, कंटेंट का विवरण और अवधि जैसी जानकारी देनी होगी। आवेदन की जांच के बाद अंतिम अनुमति संबंधित जिले के जिलाधिकारी द्वारा जारी की जाएगी। शूटिंग के दौरान अनुमति पत्र मंदिर समिति को भी दिखाना अनिवार्य होगा।
फिल्म विकास परिषद ने इस संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुविधा, धार्मिक स्थलों की पवित्रता और यात्रा व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाना है।
राज्य सरकार का मानना है कि चारधाम जैसे आस्था के केंद्रों पर कंटेंट निर्माण नियंत्रित और जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए। नई व्यवस्था लागू होने के बाद बिना अनुमति रील या फिल्म की शूटिंग करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकेगी।
