भारत-नेपाल सीमा से महज 70–80 मीटर दूर बनबसा क्षेत्र के लाटाखेत भैंसाभोज गांव में शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात एक सनसनीखेज डकैती की घटना सामने आई। सेना से सेवानिवृत्त 63 वर्षीय भीम सिंह गोवाड़ी और उनकी 60 वर्षीय पत्नी सरस्वती देवी पर सात– आठ नकाबपोश बदमाशों ने हथियारों के बल पर धावा बोल दिया।

दंपति घर के भीतर सो रहे थे, तभी बदमाश पिछली ओर से घुस आए। शोर मचाने और विरोध करने पर उन्होंने लोहे की रॉड और धारदार हथियारों से भीम सिंह पर हमला कर दिया। बदमाशों ने दोनों के हाथ पीछे की ओर बांध दिए और सोने की अंगूठी, कर्णफूल, चांदी की पायल तथा अलमारी से गहने और लगभग पाँच हजार रुपये लूट लिए। कर्णफूल नोंचने के कारण महिला के दोनों कान फट गए और खून बहने लगा। रोने पर बदमाशों ने उन्हें फिर मारा-पीटा।

घटना के बाद बदमाश दंपति को बंधक अवस्था में छोड़कर भाग निकले, जिसके बाद पीड़ितों ने पड़ोसियों को आवाज देकर मदद बुलाई। भीम सिंह के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं।

पुलिस जांच में सामने आया है कि बदमाशों ने पिछले दो-तीन दिनों से घर की रेकी की थी। परिवार कुछ समय के लिए बाहर था और गुरुवार को ही दो सदस्य लौटे थे। पुलिस का कहना है कि घर की नेपाल सीमा से नजदीकी तथा पीछे स्थित दुधारा चांदनी का खुला जंगल बदमाशों के लिए रास्ता बना।

डॉग स्क्वायड के अनुसार आरोपी संभवतः नेपाल की ओर भागे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर अभियुक्तों की धरपकड़ तेज कर दी है।

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