चमोली। चमोली के पीपलकोटी स्थित निर्माणाधीन टीएचडीसी टनल हादसे के बाद श्रमिकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी सामने आई है। हादसे के विरोध में श्रमिकों ने प्रदर्शन कर सुरक्षा मानकों की जांच और उचित मुआवजे की मांग उठाई। मौके पर पहुंचे आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने श्रमिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिया।

श्रमिकों का कहना है कि टनल में काम करने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। हादसे में कई श्रमिकों की मौत के बाद काम कर रहे कर्मचारियों में भी चिंता बढ़ गई है। प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों ने टनल परियोजना में सुरक्षा मानकों की जांच कराने और हादसे के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

मदन कौशिक ने घटनास्थल का निरीक्षण कर चल रहे राहत एवं बचाव अभियान की जानकारी ली। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों के प्रतिनिधिमंडल से भी बातचीत की। अधिकारियों के अनुसार, बातचीत में मुख्य रूप से सुरक्षा मानकों की जांच और मुआवजे से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

मंत्री ने भरोसा दिलाया कि हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के साथ तकनीकी जांच भी कराई जाएगी। जांच के आधार पर हादसे के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित खामियों का पता लगाया जाएगा। सरकार की ओर से प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता देने की बात भी कही गई है।

उधर, टनल के अंदर फंसे दो श्रमिकों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और अन्य एजेंसियां बचाव कार्य में जुटी हैं। टनल के अंदर पानी और कीचड़ होने के कारण राहत दलों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

हादसे के बाद श्रमिकों की सुरक्षा और निर्माणाधीन सुरंगों में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल फिर उठने लगे हैं। अब जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि दुर्घटना के पीछे क्या कारण रहे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन से कदम उठाए जाएंगे।